Posts

Showing posts from September, 2018

तस्वीरों में: देखा है समंदर का ये रूप

समुद्र और ब्रिटेन के रिश्तों को दिखातीं जहाजों, मछुआरों और बंदरगाहों की कुछ तस्वीरें. ब्रिटेन में इस साल नाविकों के लिए जागरूकता सप्ताह मनाया गया था. इस दौरान ब्रिटेन की संस्था 'शिपरेक्ड मैरिनर्स सोसाइटी' ने कुछ फ़ोटोग्राफ़रों को ये तस्वीरें खींचने की चुनौती दी थी. ये उसी मुक़ाबले में खींची गईं कुछ चुनिंदा तस्वीरें हैं. क्रिस हेरिंग ने ये तस्वीर नोरफ़ॉक में खींची और इसे नाम दिया 'फाइटिंग टू द एंड' यानी आखिर तक संघर्ष. ओएन हम्फ्रेज़ ने डरहम के लाइट हाउस के क़रीब उमड़ती लहरों को क़ैद किया. ओएन हम्फ्रेज़ ने समंदर में किनारे से क़रीब 48 किलोमीटर दूर ये तस्वीर ली. इस तस्वीर में नाविक व्हाइटफ़िश पकड़ने की तैयारी करते देखे जा सकते हैं. रॉब एम्बसबरी ने ये तस्वीर नॉर्थ वेल्स में ली और इसे नाम दिया 'क्लीयर कम्यूनिकेशन' टेरी पेनजिले ने इस तस्वीर में 13 साल की लूसी सिम्स को क़ैद किया. लूसी 6 लड़कियों की उस रिले टीम का हिस्सा हैं जिन्होंने जून में इंग्लिश चैनल पार किया. क्रेग स्कॉट के कैमरे में कै़द...

नज़रिया: क्या अपने ही एजेंडे में उलझ गई है मोदी-शाह की भाजपा

भारत में जन्मे पाकिस्तानी लेखक और व्यंग्य कार मुश्ताक अह मद यूसुफ़ी ने कहीं लिखा है कि- ''हुकूमतों के अलावा कोई भी अपनी मौजूदा तरक्की से खुश नहीं होता.'' इस बात को आज जितनी शिद्दत के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महसूस कर रहे होंगे कोई और शायद ही करेगा. वैसे तो चुनाव कोई भी हो कभी आसान नहीं होता. पर वादे करके सत्ता में आना तुलनात्मक रूप से आसान होता है. यह बात भी मोदी और भाजपा को समझ में आ रही होगी. 'सबका साथ लेकर सबका विकास' करने की कोशिश तो ठीक है, लेकिन सबको ख़ुश कर पाना क्या किसी के लिए भी संभव है? क्योंकि एक वर्ग को खुश करने के लिए कभी-कभी न चाहते हुए भी दूसरे वर्ग को नाराज़ करना पड़ता है. अनुसूचित जाति/जनजाति क़ानून में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने का सरकार का निर्णय भी कुछ ऐसा ही साबित हो रहा है. उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस स्थिति का वर्णन क रने के लिए कहावत है कि 'मांगै गए पूत मरि गै भतार( पति)'. यानी बेटे की मन्मत मांगने गई और पति ही मर गया. अब यह भाजपा के साथ होगा कि नहीं इस पर अभी से कोई भविष्यवाणी करना कठिन है. इस ...